-प्राथमिक विद्यालय खुर्रमपुर-1 में शिक्षक-अभिभावक गोष्ठी का आयोजन
-होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड से शैक्षिक, रचनात्मक और सामाजिक प्रगति की दी जानकारी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्राथमिक विद्यालय खुर्रमपुर नंबर-1 में विद्यार्थियों की शैक्षिक और समग्र प्रगति को अभिभावकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शिक्षक-अभिभावक गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक में बच्चों की प्रगति को होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से अभिभावकों के साथ साझा किया गया। इस दौरान अभिभावकों को बताया गया कि बच्चों के मूल्यांकन में केवल परीक्षा परिणाम ही नहीं, बल्कि उनकी भाषा एवं गणितीय दक्षता, रचनात्मकता, व्यवहार, सहभागिता, सामाजिक कौशल, खेलकूद और अन्य गतिविधियों में प्रदर्शन को भी शामिल किया गया है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला समन्वयक निपुण कशिश त्यागी ने सहभागिता की। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका लक्ष्मी त्यागी ने कहा कि शिक्षक-अभिभावक बैठक का उद्देश्य बच्चों की सीखने की प्रगति से अभिभावकों को सीधे जोडऩा और विद्यालय तथा परिवार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय में शिक्षक के मार्गदर्शन के साथ घर पर अभिभावकों का सहयोग भी जरूरी है। गोष्ठी में अभिभावकों के साथ बच्चों के होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड पर विस्तार से चर्चा की गई।

शिक्षकों ने विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियों और सीखने की वर्तमान स्थिति के बारे में अभिभावकों को जानकारी दी। साथ ही बच्चों की भाषा और गणितीय दक्षता, रचनात्मक गतिविधियों में रुचि, कक्षा में सहभागिता, व्यवहार और सामाजिक कौशल से जुड़ी प्रगति को भी साझा किया गया। अभिभावकों को बच्चों की व्यक्तिगत सीखने की जरूरतों के अनुसार घर पर सहयोग करने के लिए भी प्रेरित किया गया। शिक्षकों ने बताया कि बच्चों की कमजोरियों को समझकर उन्हें अतिरिक्त अभ्यास और प्रोत्साहन देने से सीखने की प्रक्रिया को और बेहतर बनाया जा सकता है। वहीं, जिन क्षेत्रों में बच्चों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, उनमें उन्हें आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम को केवल औपचारिक बैठक तक सीमित न रखते हुए अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न रचनात्मक और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की गईं।
इनमें तितली पर अंगूठे की छाप के माध्यम से बच्चों के सपनों को उड़ान देने और मैमोरी चैलेंज जैसी गतिविधियां शामिल रहीं। इन गतिविधियों में अभिभावकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। गतिविधियों के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों के साथ सीखने, संवाद करने और उनकी क्षमताओं को करीब से समझने का अवसर मिला। तितली गतिविधि के माध्यम से अभिभावकों ने बच्चों के सपनों और आकांक्षाओं को समझने का प्रयास किया। वहीं, मैमोरी चैलेंज ने अभिभावकों को एकाग्रता और स्मरण शक्ति से जुड़ी गतिविधि में शामिल किया। विद्यालय की ओर से आयोजित इन गतिविधियों का उद्देश्य अभिभावकों को विद्यालय की गतिविधियों से जोडऩे के साथ बच्चों के सीखने के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करना रहा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गतिविधियों में विजेता और सक्रिय भूमिका निभाने वाले अभिभावकों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। इसके अलावा कक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया। सम्मान पाकर बच्चों और अभिभावकों में उत्साह दिखाई दिया।
विद्यालय की ओर से बच्चों को पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। जिला समन्वयक निपुण कशिश त्यागी ने विद्यालय में आयोजित गतिविधियों और अभिभावकों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रगति को समझने में होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड अभिभावकों के लिए उपयोगी माध्यम है। इससे उन्हें बच्चे की पढ़ाई के साथ उसकी अन्य क्षमताओं और रुचियों के बारे में भी जानकारी मिलती है।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका लक्ष्मी त्यागी ने कहा कि विद्यालय का प्रयास है कि ‘बच्चे की प्रगति, अभिभावक की भागीदारी और शिक्षक का मार्गदर्शन’ तीनों को साथ लेकर प्रत्येक बच्चे के सर्वांगीण विकास की दिशा में काम किया जाए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों के बीच नियमित संवाद से बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को मजबूत किया जा सकता है। कार्यक्रम में प्रधानाध्यापिका लक्ष्मी त्यागी, जिला समन्वयक निपुण कशिश त्यागी, एआरपी बीनू त्यागी, रुचिका जैन, रेणुका सहित विद्यालय के शिक्षक और बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे। बैठक के दौरान अभिभावकों ने बच्चों की प्रगति से संबंधित जानकारी ली और विद्यालय की गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

















