-पुलिस और समाज के बीच सेतु का काम करेंगी महिला स्वयंसेविकाएं: जे. रविंदर गौड़
-विजयनगर से सबसे अधिक 42 महिलाओं का चयन, टीलामोड़ से 39 स्वयंसेविकाएं शामिल
-विद्यालय-महाविद्यालयों में साइबर सुरक्षा जागरूकता से लेकर जरूरतमंद महिलाओं की सलाह तक निभाएंगी भूमिका
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को और प्रभावी बनाने के लिए गाजियाबाद पुलिस ने सामुदायिक सहभागिता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। पुलिस आयुक्तालय द्वारा ‘महिला स्वयंसेवी दल’ का गठन किया गया है। इस दल में आयुक्तालय के 24 थाना क्षेत्रों से कुल 591 महिलाओं को चिह्नित किया गया है। ये महिलाएं पुलिस और समाज के बीच सेतु की भूमिका निभाते हुए महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को स्थानीय स्तर पर पुलिस तक पहुंचाने में सहयोग करेंगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला स्वयंसेवी दल का उद्देश्य केवल महिलाओं की शिकायतों को पुलिस तक पहुंचाना नहीं है, बल्कि समाज में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण तैयार करने में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना भी है। इस पहल के माध्यम से पुलिस महिलाओं से जुड़े मामलों में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगी और थाना स्तर पर महिला सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया जाएगा।
महिला स्वयंसेवी दल में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय और अनुभवी महिलाओं को शामिल किया जा रहा है। इनमें चिकित्सक, अधिवक्ता, शिक्षिकाएं, समाजसेवी, गृहिणियां, सलाहकार, उद्यमी और अन्य क्षेत्रों में कार्यरत महिलाएं शामिल हैं। इन महिलाओं को अपने-अपने क्षेत्र और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार महिला सुरक्षा एवं कल्याण से जुड़े कार्यों में पुलिस का सहयोग करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। महिला स्वयंसेविकाएं महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित समस्याओं को पुलिस तक पहुंचाने, महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने और जरूरतमंद महिलाओं को सरकारी योजनाओं एवं सहायता तंत्र की जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगी। आवश्यकता पडऩे पर वे महिला संबंधी मामलों में सलाह और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने में भी मदद करेंगी।
विद्यालय-महाविद्यालयों में चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम
महिला स्वयंसेवी दल से जुड़ी महिलाएं विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में महिला सुरक्षा तथा अंतरजाल सुरक्षा से संबंधित जागरूकता कार्यक्रमों में भी सहयोग करेंगी। छात्राओं को सहायता दूरभाष नंबर, अंतरजाल अपराध से बचाव, सामाजिक माध्यमों के सुरक्षित इस्तेमाल और आपात स्थिति में पुलिस से संपर्क करने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं और चुनौतियों को पुलिस के संज्ञान में लाने के लिए स्वयंसेविकाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। वे अपने क्षेत्र में महिलाओं से संवाद कर उनकी समस्याओं को समझेंगी और जरूरत पडऩे पर पुलिस अधिकारियों तक जानकारी पहुंचाएंगी।
विजयनगर से सबसे अधिक 42 स्वयंसेविकाएं
गाजियाबाद आयुक्तालय के 24 थाना क्षेत्रों से चिह्नित की गई महिला स्वयंसेविकाओं में सबसे अधिक संख्या विजयनगर थाना क्षेत्र की है। यहां से 42 महिलाओं को महिला स्वयंसेवी दल के लिए चुना गया है। इसके बाद टीलामोड़ थाना क्षेत्र से 39, कोतवाली नगर से 27, सिहानी गेट और वेव सिटी से 26-26 महिलाओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा मधुबन बापूधाम, क्रॉसिंग रिपब्लिक, लिंक रोड और अन्य थाना क्षेत्रों से भी 25 से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है। कुल मिलाकर 591 महिलाएं इस तंत्र का हिस्सा बनी हैं। थाना स्तर पर गठित यह तंत्र स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुरूप महिला सुरक्षा एवं कल्याण संबंधी गतिविधियों में पुलिस का सहयोग करेगा।

पुलिस आयुक्त
महिला स्वयंसेवी दल का गठन डिजिटल स्वयंसेवी दल की तर्ज पर किया गया है। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जागरूक और सक्रिय महिलाओं को इस अभियान से जोड़कर पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। शीघ्र ही महिला स्वयंसेवी दल से जुड़ी महिलाओं के साथ बैठक आयोजित कर उनकी भूमिका, जिम्मेदारियों और क्षेत्रीय आवश्यकताओं पर चर्चा की जाएगी। बैठक में महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों, जागरूकता कार्यक्रमों और जरूरतमंद महिलाओं तक सहायता पहुंचाने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। महिला स्वयंसेविकाएं सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए विभिन्न सामुदायिक गतिविधियों में भी भाग लेंगी। यह पहल ‘सुरक्षित महिला-सशक्त समाजÓ की संकल्पना को मजबूत करने की दिशा में गाजियाबाद पुलिस का महत्वपूर्ण कदम है।
-जे. रविंदर गौड़
पुलिस आयुक्त

















