दिव्यांगों बीमारों सैनिक परिवारों की महिलाओं एवं महिला अध्यापकों को दी जाएगी विशेष प्राथमिकता, पारदर्शिता के लिए अपनाई जाएगी ऑनलाइन प्रक्रिया
उदय भूमि ब्यूरो
लखनऊ/हापुड़। बेसिक शिक्षा विभाग में लंबे समय से 1 जिले से दूसरे जिले में ट्रांसफर नहीं हो पा रहे थे लेकिन शासन ने अब इस रोक को हटा दिया है। शासन द्वारा रविवार को लिए गए एक फैसले के मुताबिक अब अध्यापकों के अंतर्जनपदीय तबादले होंगे। लेकिन इनमें महिला शिक्षकों दिव्यांगों गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को वरीयता के क्रम में रखा जाएगा। पारदर्शिता के उद्देश्य से यह सभी ट्रांसफर ऑनलाइन होंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग में लगभग एक लाख अध्यापकों ने अपने ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था।लेकिन कोरोना काल की वजह से इन ट्रांसफर के प्रार्थना पत्र पर कोई विचार नहीं हो पाया था। लेकिन नए प्रावधान के तहत अब इन अध्यापकों को अपने इच्छित स्थानों पर नियुक्ति पाने का अवसर मिलेगा। -बता दें कि योगी सरकार ने लॉकडाउन से पहले शिक्षकों की स्थानांतरण पॉलिसी में बदलाव किया था।लेकिन कोरॉना काल की वजह से यह मामला लटक गया। पालिसी के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए 5 साल की समय सीमा को घटाकर 3 वर्ष कर दिया गया था। सरकार ने महिलाओं को बड़ी राहत दी थी।उनके लिए तबादले की समय सीमा को सिर्फ 1 वर्ष किया गया था। सरकार ने फौजियों की पत्नियों के स्थानांतरण में प्राथमिकता देने का फैसला भी लिया है इसके अलावा गंभीर रूप से पीड़ित शिक्षकों को भी तबादले में प्राथमिकता देने की बात कही है।इस फैसले से बेसिक शिक्षा विभाग में खुशी की लहर दौड़ गई है।

















