उदय भूमि ब्यूरो
मोदीनगर।
कृषि बिलों के विरोध में सोमवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसील पर धरना प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। किसानों इसे काला कानून बताया और चेतावनी दी कि यदि इसे वापस नहीं लिया गया तो 25 सितम्बर से बड़ा आंदोलन शुरु कर दिया जाएगा। कृषि बिलों के विरोध में सोमवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसील पर धरना प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। किसानों इसे काला कानून बताया और चेतावनी दी कि यदि इसे वापस नहीं लिया गया तो 25 सितम्बर से बड़ा आंदोलन शुरु कर दिया जाएगा। भाकियू नेता हरेन्द्र नेहरा के नेतृत्व में सैकड़ों किसान एकत्र होकर तहसील पहुंचे और उपजिलाधिकारी के कार्यालय के बाहर धरने पर बेठे गए। किसानों ने केन्द्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर हरेन्द्र नेहरा ने कहा कि जो बिल संसद में पास किए है, उन्हें किसान हितेषी बताकर सरकार द्वारा पेश किए जा रहे हैं,जबकि यह किसानों के डेथ वारंट है। निजी कम्पनी व पूजीपंती अब किसानों को शोषण करने से बाज नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि मोदी शुगर मिल पर अभी भी कई सौ करोड़ रुपये बकाया है। इतना ही नहीं नलकूपों के बिजली के बिलो में की गई बढ़ोतरी भी वापस होनी चाहिए। किसानों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सीओ मोदीनगर को सौंपा। इस मौके पर रघुनाथ वैद्य,सिंटू नेहरा,मनोज तेवतिया,राजेन्द्र सिंह,नरेश सतपाल , कालू चैयरमेन सहित सैकड़ों किसान मौजूद थे।

















