नियोजित विकास और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अतुल वत्स का योगदान विशेष रूप से सराहनीय रहा है। अलीगढ़ विकास प्राधिकरण और तत्पश्चात गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने अवैध निर्माणों पर नकेल कसने के साथ-साथ शहरों के आधुनिकीकरण और विकास परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा।हाथरस के जिलाधिकारी के रूप में उनका कार्यकाल जनता के बीच काफी लोकप्रिय रहा। डीएम रहते हुए उन्होंने जनसुनवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और विकास कार्यों को एक नई गति प्रदान की। शासन द्वारा उन्हें अब राजस्व विभाग में विशेष सचिव जैसी बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने से विभाग के कामकाज में और अधिक पारदर्शिता, गतिशीलता और नीतिगत सुधार आने की उम्मीद है। अतुल वत्स का समृद्ध प्रशासनिक अनुभव निश्चित तौर पर शासन स्तर पर राजस्व व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। अपनी उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यशैली, त्वरित निर्णयों और जनसमस्याओं के समाधान के प्रति प्रतिबद्धता के लिए पहचाने जाने वाले 2016 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अतुल वत्स अब प्रदेश शासन में अपनी सेवाएं देंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने उनकी प्रशासनिक सूझबूझ और समृद्ध अनुभव को देखते हुए उन्हें राजस्व विभाग में विशेष सचिव के अत्यंत महत्वपूर्ण पद पर तैनात किया है। अतुल वत्स का अब तक का संपूर्ण कार्यकाल प्रशासनिक दक्षता, अनुशासन और जनसेवा के प्रति समर्पण की एक मिसाल रहा है। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रशासनिक पदों से लेकर केंद्र सरकार तक में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत सोनभद्र जिले में सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में की, जहां उन्होंने धरातलीय स्तर पर प्रशासनिक तंत्र की बारीकियों को समझा।
इसके बाद, नई दिल्ली में आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय में सहायक सचिव के रूप में अपनी सेवाएं देते हुए उन्होंने केंद्रीय नीतियों और शहरी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गहरी पकड़ बनाई। मऊ में संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में उन्होंने कानून-व्यवस्था और राजस्व मामलों को कुशलतापूर्वक संभाला। इसके उपरांत, सुल्तानपुर में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर रहते हुए उन्होंने ग्रामीण विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया।
नियोजित विकास और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अतुल वत्स का योगदान विशेष रूप से सराहनीय रहा है। अलीगढ़ विकास प्राधिकरण और तत्पश्चात गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने अवैध निर्माणों पर नकेल कसने के साथ-साथ शहरों के आधुनिकीकरण और विकास परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा।हाथरस के जिलाधिकारी के रूप में उनका कार्यकाल जनता के बीच काफी लोकप्रिय रहा।
डीएम रहते हुए उन्होंने जनसुनवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और विकास कार्यों को एक नई गति प्रदान की। शासन द्वारा उन्हें अब राजस्व विभाग में विशेष सचिव जैसी बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने से विभाग के कामकाज में और अधिक पारदर्शिता, गतिशीलता और नीतिगत सुधार आने की उम्मीद है। अतुल वत्स का समृद्ध प्रशासनिक अनुभव निश्चित तौर पर शासन स्तर पर राजस्व व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

















