- मां बनने का सफर हो आसान, विशेषज्ञों ने बताए प्रसव से लेकर शिशु की देखभाल तक के जरूरी गुर
- गर्भावस्था, प्रसव के बाद रिकवरी और स्तनपान पर विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
- स्त्री रोग, बाल रोग और शिशु सर्जरी के चिकित्सकों ने होने वाले माता-पिता की जिज्ञासाओं का किया समाधान
उदय भूमि संवाददाता
दिल्ली-एनसीआर। माता-पिता बनने की तैयारी में केवल नियमित चिकित्सकीय जांच ही नहीं, बल्कि प्रसव, स्तनपान और नवजात शिशु की देखभाल से जुड़ी सही जानकारी भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से यशोदा मेडिसिटी के यशोदा क्रेडल एंड चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल की ओर से मंगलवार को ‘यशोदा मॉम-टू-बी कार्निवल’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में होने वाले माता-पिता को गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म और शुरुआती देखभाल तक के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों के साथ संवाद और परामर्श सत्रों के माध्यम से परिवारों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। कार्यक्रम में प्रसूति एवं स्त्री रोग तथा बाल रोग विभाग के विशेषज्ञों ने गर्भावस्था के दौरान शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षित प्रसव की तैयारी, प्रसव के बाद रिकवरी, स्तनपान और नवजात शिशु की जरूरतों पर विस्तार से जानकारी साझा की।

इसका उद्देश्य परिवारों को आने वाले बदलावों के लिए मानसिक और व्यावहारिक रूप से तैयार करना था। कार्यक्रम में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं प्रमुख डॉ. जेबी शर्मा, प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ. वंदना जैन और डॉ. प्रेरणा सिंघल ने गर्भावस्था तथा प्रसव से संबंधित विषयों पर मार्गदर्शन दिया। वहीं, बाल शल्य चिकित्सा एवं बाल मूत्र रोग विभाग की प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं प्रमुख डॉ. मीनू बाजपेयी और बाल रोग विभाग के डायरेक्टर एवं प्रमुख डॉ. नरेंद्र कुमार झा ने नवजात शिशु की देखभाल से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। सत्रों में गर्भावस्था से पहले और उसके दौरान जरूरी चिकित्सकीय सलाह, प्रसव के बाद मां के स्वास्थ्य, स्तनपान की तैयारी और शिशु की शुरुआती जरूरतों पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने परामर्श के माध्यम से होने वाले माता-पिता को अपनी चिंताओं और सवालों पर खुलकर बातचीत करने का अवसर भी दिया।
मेडिकल जानकारी के साथ भावनात्मक सहयोग भी जरूरी
यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. पीएन अरोड़ा ने कहा कि माता-पिता बनने की तैयारी के दौरान भरोसेमंद चिकित्सकीय जानकारी, व्यावहारिक मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य परिवारों को मातृ एवं नवजात शिशु की देखभाल बेहतर ढंग से समझाना और इस नए जीवन-चरण के लिए आत्मविश्वास बढ़ाना है।
डॉ. जेबी शर्मा ने कहा कि नियमित मेडिकल जांच के साथ होने वाले माता-पिता को प्रसव, रिकवरी, स्तनपान और नवजात शिशु की देखभाल के बारे में जानकारी देना भी जरूरी है। इससे उनकी चिंताओं को दूर करने और आने वाली जिम्मेदारियों के लिए तैयार होने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि यशोदा मेडिसिटी में प्रसूति एवं स्त्री रोग तथा बाल रोग विशेषज्ञताओं के माध्यम से मां और नवजात की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर ध्यान दिया जाता है।
खेलों और गतिविधियों से बना उत्सवी माहौल
कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए खेलों और केक कटिंग का आयोजन भी किया गया। इससे प्रतिभागियों को विशेषज्ञों से संवाद करने के साथ उत्सव में शामिल होने का अवसर मिला। अस्पताल की इस पहल का उद्देश्य परिवारों तक गर्भावस्था और नवजात शिशु की शुरुआती देखभाल से जुड़ी उपयोगी जानकारी पहुंचाना तथा उन्हें नए जीवन की शुरुआत के लिए जागरूक और आत्मविश्वासी बनाना रहा।

















