UP ट्रेड शो में गाजियाबाद ने दिखाई विकास की नई तस्वीर, हरनंदीपुरम से एयरोसिटी तक भविष्य का खाका पेश

  • हरनंदीपुरम टाउनशिप से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक, भविष्य की बड़ी योजनाओं का प्रदर्शन
  • एयरोसिटी, हापुड़ चुंगी फ्लाईओवर और स्लिप रोड से मजबूत होगी शहर की कनेक्टिविटी
  • थीम पार्क, हरित क्षेत्र और चौराहों के सौंदर्यीकरण से आधुनिक शहर की तस्वीर पेश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में चल रहे उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में गाजियाबाद के सुनियोजित और आधुनिक विकास की तस्वीर भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अपने प्रदर्शनी स्टॉल में वर्तमान में चल रहे विकास कार्यों के साथ भविष्य की प्रमुख परियोजनाओं को भी प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया है। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देशन में लगाए गए स्टॉल में हरनंदीपुरम टाउनशिप, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, एयरोसिटी टाउनशिप, हापुड़ चुंगी फ्लाईओवर, स्लिप रोड, थीम पार्क और प्रमुख चौराहों के सौंदर्यीकरण समेत कई परियोजनाओं को स्थान दिया गया है। उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का चौथा संस्करण 29 सितंबर तक आयोजित होगा। इसमें प्रदेश की विकास क्षमता, औद्योगिक गतिविधियों और निवेश की संभावनाओं को देश-विदेश के सामने रखा जा रहा है।

इसी क्रम में जीडीए ने गाजियाबाद में हो रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों को एक मंच पर प्रस्तुत कर शहर के भविष्य की समग्र तस्वीर सामने रखी है। इसके अलावा शहर के प्रमुख चौराहों और जंक्शनों के यातायात सुधार के साथ उनके सौंदर्यीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। जीडीए के प्रदर्शनी स्टॉल में आवासीय विकास, बेहतर सड़क संपर्क, खेल सुविधाएं, हरित क्षेत्र, थीम पार्क, नागरिक सुविधाएं और आधुनिक आधारभूत ढांचे को एकीकृत रूप से प्रस्तुत किया गया है। प्रदर्शनी के माध्यम से जीडीए ने वर्तमान विकास कार्यों के साथ भविष्य की योजनाओं को भी एक ही मंच पर रखकर यह दिखाने का प्रयास किया है कि गाजियाबाद का विकास केवल विस्तार तक सीमित नहीं, बल्कि सुनियोजित, हरित, बेहतर संपर्क वाला और नागरिक सुविधाओं से युक्त शहर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हरनंदीपुरम बनेगा सुनियोजित विकास की नई पहचान
जीडीए की प्रदर्शनी में हरनंदीपुरम आवासीय योजना को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। करीब 501 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित यह योजना भविष्य के सुनियोजित गाजियाबाद के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में विकसित की जा रही है। योजना में आवासीय क्षेत्रों के साथ सड़क, हरित क्षेत्र, पार्क, नागरिक सुविधाएं और बेहतर संपर्क व्यवस्था विकसित करने की परिकल्पना की गई है। योजना के प्रथम चरण के ले-आउट को स्वीकृति दी जा चुकी है। प्रथम चरण में करीब 49.62 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल किया गया है। प्रदर्शनी में योजना के स्वरूप और प्रस्तावित सुविधाओं को इस तरह प्रस्तुत किया गया है, जिससे लोग भविष्य में विकसित होने वाले क्षेत्र की तस्वीर को आसानी से समझ सकें।

इसके साथ ही राजनगर एक्सटेंशन के मोरटी क्षेत्र में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम भी प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। जीडीए की ओर से स्टेडियम का प्रारंभिक डिजाइन और लागत आकलन तैयार किया गया है। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जीडीए और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के बीच संयुक्त विकास की प्रक्रिया पर भी काम किया जा रहा है। स्टेडियम की बेहतर पहुंच के लिए राजनगर एक्सटेंशन में प्रस्तावित 45 मीटर चौड़ी सड़क के सुदृढ़ीकरण को भी परियोजना में शामिल किया गया है। इससे भविष्य में स्टेडियम और आसपास के क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलेगी।

एयरोसिटी से फ्लाईओवर तक कनेक्टिविटी पर जोर
जीडीए ने हिंडन एयरपोर्ट के आसपास राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में प्रस्तावित एयरोसिटी टाउनशिप को भी प्रदर्शनी में भविष्य के विकास विजन के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया है। रणनीतिक स्थान का उपयोग करते हुए यहां आवासीय, व्यावसायिक और आधुनिक शहरी गतिविधियों के लिए सुनियोजित क्षेत्र विकसित करने की योजना है। शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के लिए हापुड़ चुंगी पर प्रस्तावित चार लेन फ्लाईओवर और सर्विस-स्लिप रोड परियोजना भी स्टॉल पर प्रदर्शित की गई है।

परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसकी अनुमानित लागत करीब 102.31 करोड़ रुपये है। इसके अलावा एलिवेटेड रोड पर करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से दो नई स्लिप रोड विकसित करने की योजना भी प्रदर्शनी में दिखाई गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात दबाव कम करने के साथ अलग-अलग क्षेत्रों के बीच संपर्क को बेहतर बनाना है। जीडीए ने प्रदर्शनी में इन योजनाओं को केवल निर्माण परियोजनाओं के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य की यातायात व्यवस्था को मजबूत करने वाले आधारभूत ढांचे के रूप में प्रस्तुत किया है।

थीम पार्क और सौंदर्यीकरण से बदलेगा शहर का स्वरूप
गाजियाबाद के विकास को केवल सड़क और भवनों तक सीमित नहीं रखते हुए हरित क्षेत्र और नागरिक सुविधाओं से जोडऩे की योजनाओं को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया है। जीडीए की ओर से विभिन्न थीम आधारित पार्कों के विकास की योजनाओं को प्रदर्शित किया गया है। इनमें संस्कृति दर्शन पार्क, विकसित भारत अनुभव पार्क और रामायण थीम आधारित पार्क समेत अन्य योजनाएं शामिल हैं। इंदिरापुरम स्थित संस्कृति दर्शन पार्क करीब चार एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है।

करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस पार्क में भारतीय स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी 21 प्रतिकृतियों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य लोगों को देश की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के साथ मनोरंजन और ज्ञान का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है। मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना में रामायण काल की आनंद वाटिका की थीम पर पार्क विकसित करने की योजना भी प्रदर्शनी में शामिल है। इसमें औषधीय और फलदार पौधों के साथ हरित क्षेत्र विकसित करने की परिकल्पना की गई है।