- बेटियां खुद जागरूक बनें और आसपास की महिलाओं को भी सुरक्षा के प्रति सजग करें: उपासना पाण्डेय
- छात्राओं से सीधे संवाद कर पुलिस टीम ने रोजमर्रा की परिस्थितियों में सतर्क रहने के तरीके समझाए
- असहज स्थिति को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते सही व्यक्ति तक सूचना पहुंचाने की दी सलाह
- पुलिस ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि जरूरत पडऩे पर मदद मांगने में किसी तरह की झिझक न रखें
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के तहत सोमवार को थाना विजयनगर क्षेत्र में मिशन शक्ति टीम ने छात्राओं के बीच पहुंचकर उन्हें महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली उपासना पाण्डेय, प्रभारी निरीक्षक एवं मिशन शक्ति टीम ने छात्राओं से संवाद करते हुए उन्हें सुरक्षित रहने के उपायों, विपरीत परिस्थितियों में बरती जाने वाली सावधानियों और पुलिस की ओर से महिलाओं की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें किसी भी परिस्थिति का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए तैयार करना रहा। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को बताया कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। छात्राओं को दैनिक जीवन में आने-जाने के दौरान सतर्क रहने, अनजान व्यक्तियों से सावधानी बरतने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं करने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस टीम ने समझाया कि किसी भी प्रकार की परेशानी या असहज स्थिति महसूस होने पर छात्राओं को चुप रहने के बजाय तत्काल अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा पुलिस को इसकी जानकारी देनी चाहिए। छात्राओं को विशेष रूप से विपरीत परिस्थितियों में संयम बनाए रखने और जल्दबाजी में कोई ऐसा कदम नहीं उठाने की सलाह दी गई, जिससे स्थिति और गंभीर हो। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता और सतर्कता ही किसी भी अप्रिय घटना से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। छात्राओं को यह भी बताया गया कि सार्वजनिक स्थानों, स्कूल-कॉलेज आने-जाने तथा अकेले यात्रा करने के दौरान आसपास की गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस विभाग की ओर से लगातार विभिन्न स्तरों पर अभियान और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

छात्राओं को यह जानकारी दी गई कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस से संपर्क करने में झिझक नहीं करनी चाहिए। पुलिस का उद्देश्य शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने के साथ-साथ लोगों में कानून के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करना भी है। सहायक पुलिस आयुक्त उपासना पाण्डेय ने छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि अपने अधिकारों और सुरक्षा उपायों की जानकारी होना हर छात्रा के लिए जरूरी है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि यदि उनके आसपास किसी महिला या छात्रा के साथ गलत व्यवहार, छेड़छाड़, उत्पीडऩ अथवा किसी अन्य प्रकार की परेशानी दिखाई देती है तो उसे सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते पुलिस को सूचना मिलने पर किसी भी घटना को गंभीर रूप लेने से पहले रोका जा सकता है।
मिशन शक्ति का संदेश-जागरूक बनें, आत्मविश्वास से आगे बढ़ें
मिशन शक्ति टीम ने छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। टीम ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पुलिस लगातार स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं को न केवल सुरक्षा संबंधी जानकारी दी जा रही है, बल्कि उन्हें यह भरोसा भी दिलाया जा रहा है कि आवश्यकता पडऩे पर पुलिस उनके साथ खड़ी है। पुलिस टीम ने छात्राओं से संवाद के दौरान उनकी सुरक्षा से जुड़े सवालों और चिंताओं को भी सुना तथा उन्हें आवश्यक सावधानियों के बारे में समझाया।
छात्राओं को बताया गया कि किसी भी असामान्य स्थिति में घबराने के बजाय आसपास मौजूद लोगों की मदद लेने और तत्काल पुलिस तक सूचना पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। थाना विजयनगर क्षेत्र में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों और मिशन शक्ति टीम ने छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास की अन्य महिलाओं एवं बालिकाओं को भी सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। पुलिस का कहना है कि महिला सुरक्षा को लेकर जागरूक समाज ही सुरक्षित समाज की मजबूत नींव तैयार कर सकता है। मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए छात्राओं को आत्मविश्वासी, सजग और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने का प्रयास लगातार जारी है।

















