एयरोसिटी की जमीन जुटाने का खुला रास्ता, पहली बार लैंड पूलिंग पर किसान ने दी सहमति

  • क्रिकेट स्टेडियम बनेगा योजना का सबसे बड़ा आकर्षण, मोरटी-अटोर और मेवला अगरी की 231 हेक्टेयर जमीन जुटाएगा जीडीए

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की महत्वाकांक्षी एयरोसिटी योजना को धरातल पर उतारने की दिशा में शुक्रवार को महत्वपूर्ण शुरुआत हुई। योजना के लिए लैंड पूलिंग के जरिए किसानों से जमीन जुटाने की प्रक्रिया में पहली बार एक भू-स्वामी ने सहमति दी। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल की मौजूदगी में भू-स्वामी से जमीन देने को लेकर सहमति प्राप्त की गई। इसे एयरोसिटी योजना के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया का पहला बड़ा कदम माना जा रहा है। इस मौके पर जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, ओएसडी, तहसीलदार विवेक मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी और भाजपा नेता अभय चौहान मौजूद रहे। पहली सहमति मिलने के बाद जीडीए अब अन्य भू-स्वामियों से भी संपर्क और समन्वय बढ़ाकर लैंड पूलिंग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। एयरोसिटी योजना मोरटी, अटोर और मेवला अगरी गांव की करीब 231 हेक्टेयर जमीन पर प्रस्तावित है।

जीडीए की योजना क्षेत्र को सुनियोजित तरीके से विकसित कर आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में तैयार करने की है। इसके लिए भूमि जुटाव में लैंड पूलिंग को आधार बनाया गया है। इसमें भू-स्वामियों की सहमति और सहभागिता के जरिए योजना के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। पहले भू-स्वामी की सहमति मिलने के बाद जीडीए के लिए आगे की प्रक्रिया का रास्ता खुला है। प्राधिकरण की ओर से अब क्षेत्र के अन्य किसानों और भू-स्वामियों से संवाद कर उन्हें योजना और लैंड पूलिंग की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। जीडीए का प्रयास है कि सहमति के आधार पर जमीन जुटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनेगा योजना की पहचान
एयरोसिटी योजना का सबसे बड़ा आकर्षण प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम होगा। स्टेडियम के आसपास आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के साथ आधुनिक अवस्थापना सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इसके जरिए पूरे क्षेत्र को एक नए विकसित शहरी केंद्र के रूप में स्थापित करने की परिकल्पना की गई है। स्टेडियम के आसपास सुनियोजित विकास होने से क्षेत्र में आवासीय परियोजनाओं के साथ व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। योजना में बेहतर सड़क संपर्क, नागरिक सुविधाएं और अन्य आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं को विकसित करने पर भी जोर रहेगा। जीडीए की योजना के मुताबिक क्षेत्र का विकास इस तरह किया जाएगा कि भविष्य में यहां आने वाले लोगों और विकसित होने वाली गतिविधियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

निवेश और रोजगार के अवसर बढऩे की उम्मीद
एयरोसिटी योजना के विकसित होने से क्षेत्र में आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। आवासीय और व्यावसायिक विकास के साथ होटल, बाजार, कार्यालय और अन्य सुविधाओं के लिए भी संभावनाएं बनेंगी। इससे निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि योजना के लिए जमीन जुटाना सबसे महत्वपूर्ण चरण है। ऐसे में पहली बार किसान की सहमति मिलना जीडीए के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

अब प्राधिकरण की कोशिश होगी कि इसी सहमति के आधार पर अन्य भू-स्वामियों के साथ भी संवाद बढ़ाया जाए और लैंड पूलिंग के जरिए प्रस्तावित 231 हेक्टेयर जमीन जुटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। पहली सहमति से एयरोसिटी योजना के जमीन स्तर पर आकार लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एयरोसिटी के लिए सहमति की शुरुआत और हरनंदीपुरम के लेआउट की स्वीकृति की तैयारी को जीडीए की भविष्य की शहरी योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अवसर पर एयरोसिटी से संबंधित प्रक्रिया में अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, ओएसडी राजीव रत्न, तहसीलदार विवेक मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।