- वायरल वीडियो ने खोली कंपोजिट दुकान की पोल, जांच में सच सामने आते ही लगा जुर्माना
- विक्रेता तत्काल हटाया, आबकारी पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट; भविष्य में किसी दुकान पर नहीं कर सकेगा काम
- ओवररेटिंग और अभद्रता पर भी होगी कार्रवाई, दुकानों की निगरानी की जिम्मेदारी लाइसेंसियों की
- नशे से युवाओं को बचाना प्राथमिकता, नियम तोड़ा तो लाइसेंस तक हो सकता है निरस्त: जिला आबकारी अधिकारी
उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा कसने के बाद अब आबकारी विभाग ने लाइसेंसी शराब की दुकानों पर नियमों की अनदेखी करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ भी सख्त रुख अपना लिया है। नाबालिगों को शराब की बिक्री, ओवररेटिंग और ग्राहकों से अभद्र व्यवहार को लेकर विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि लाइसेंस मिलने का मतलब मनमानी करने की खुली छूट नहीं है। दुकानों पर तैनात विक्रेताओं की हर गतिविधि पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी संबंधित लाइसेंसियों की भी है। नियमों का उल्लंघन हुआ तो कार्रवाई केवल विक्रेता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लाइसेंसी को भी जवाबदेह बनाया जाएगा। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह लगातार लाइसेंसियों के साथ बैठक कर उन्हें दुकानों की नियमित निगरानी करने की हिदायत दे रहे हैं। उनका साफ कहना है कि लाइसेंसी केवल दुकान से होने वाली कमाई पर ध्यान न दें, बल्कि यह भी सुनिश्चित करें कि वहां तैनात विक्रेता विभागीय नियमों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं। इसी सख्ती का असर है कि सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो के आधार पर आबकारी विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए न केवल लाइसेंसी पर जुर्माना लगाया, बल्कि नियम तोडऩे वाले विक्रेता को भी विभागीय पोर्टल से ब्लैकलिस्ट कर दिया।
मामला 11 सिंतबर थाना विकास नगर क्षेत्र स्थित कंपोजिट दुकान शुभौली का है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक विक्रेता द्वारा कथित तौर पर छोटे बच्चे को शराब की बोतल देने का बहस करने का मामला सामने आया। वीडियो में जब उसे बच्चे को शराब नहीं देने के लिए कहा गया तो वह शराब देने की बात पर अड़ा दिखाई दिया। वीडियो सामने आते ही मामला जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह के संज्ञान में पहुंचा। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आबकारी निरीक्षक रिचा सिंह को जांच के निर्देश दिए। जांच के दौरान वायरल वीडियो की सत्यता परखी गई। इसके साथ ही दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। जांच में मामला सही पाए जाने के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। जिला आबकारी अधिकारी ने लाइसेंसी एसके गुप्ता पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
साथ ही दुकान पर तैनात संबंधित विक्रेता को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। इतना ही नहीं, विभाग ने विक्रेता को आबकारी विभाग के पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इसका मतलब यह है कि भविष्य में वह प्रदेश में किसी भी लाइसेंसी शराब की दुकान पर विक्रेता के रूप में काम नहीं कर सकेगा। आबकारी विभाग की ताजा कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि लखनऊ में शराब की दुकानों पर अब केवल बिक्री और राजस्व ही नहीं, बल्कि नियमों का पालन भी सर्वोच्च प्राथमिकता में है। करुणेन्द्र सिंह की सख्ती के बाद लाइसेंसियों को भी अपने स्तर से निगरानी बढ़ानी होगी, क्योंकि दुकान पर हुई गलती का खामियाजा अब सीधे लाइसेंसी को भी भुगतना पड़ सकता है।
दुकानों पर पहले से लगे हैं स्पष्ट निर्देश
आबकारी विभाग की ओर से शराब की दुकानों पर डिस्प्ले बोर्ड लगाने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। इन बोर्डों पर स्पष्ट रूप से लिखा है कि 18 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को शराब नहीं दी जाएगी। इसके बावजूद यदि कोई विक्रेता नाबालिग को शराब बेचता है तो इसे विभाग गंभीर उल्लंघन मान रहा है। करुणेन्द्र सिंह ने अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि दुकानों की निगरानी के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई से जिले के लाइसेंसियों और शराब विक्रेताओं में स्पष्ट संदेश गया है कि दुकान पर नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ सकती है। विभाग की नजर केवल अवैध शराब के कारोबार पर ही नहीं, बल्कि लाइसेंसी दुकानों से होने वाली प्रत्येक बिक्री और वहां ग्राहकों के साथ होने वाले व्यवहार पर भी है।
लाइसेंसियों को भी खुद करनी होगी दुकानों की निगरानी
जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने लाइसेंसियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि केवल विक्रेताओं के भरोसे दुकान छोड़कर जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ा जा सकता। लाइसेंस लेने के बाद दुकान का संचालन नियमों के अनुरूप हो, इसकी निगरानी लाइसेंसी को खुद भी करनी होगी। उन्होंने कहा कि यदि दुकान पर नाबालिग को शराब बेची जाती है, ओवररेटिंग की जाती है या ग्राहकों से अभद्र व्यवहार होता है तो संबंधित लाइसेंसी भी कार्रवाई के दायरे में आएगा। विभाग का मानना है कि शराब की बिक्री से जुड़े नियमों का पालन कराना केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। लाइसेंसियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। दुकान पर काम करने वाले प्रत्येक विक्रेता को नियमों की जानकारी देने और उसके पालन की निगरानी करने की जिम्मेदारी भी लाइसेंसी की है।
ओवररेटिंग और अभद्रता भी बर्दाश्त नहीं
आबकारी विभाग ने नाबालिगों को शराब बेचने के साथ ही ओवररेटिंग और ग्राहकों के साथ अभद्र व्यवहार को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। करुणेन्द्र सिंह ने लाइसेंसियों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब की बिक्री किसी भी स्थिति में न हो। ग्राहक के साथ शालीन व्यवहार किया जाए और दुकान पर ऐसा कोई कृत्य न हो जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। उन्होंने साफ कहा कि कम उम्र के युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसलिए नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेता या लाइसेंसी के खिलाफ कार्रवाई में किसी प्रकार की देरी नहीं की जाएगी। जरूरत पडऩे पर गंभीर अनियमितता पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।

















