आरके सिंह के कार्यकाल में यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में औद्योगिक, आवासीय और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम आगे बढ़ा है। उनका कार्यकाल बढ़ने से इन परियोजनाओं में प्रशासनिक निरंतरता रहने के साथ-साथ लंबित योजनाओं को भी गति मिलने की संभावना है। माना जा रहा है कि आने वाला एक वर्ष यमुना अथॉरिटी के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा।
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यमुना अथॉरिटी) के सीईओ आरके सिंह के कार्यकाल को उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर एक साल के लिए बढ़ा दिया है। उनका मौजूदा कार्यकाल 30 सितंबर को पूरा हो रहा था। अब सरकार ने उन्हें अगले वर्ष 30 सितंबर तक यमुना अथॉरिटी के सीईओ पद पर बनाए रखने का निर्णय लिया है।
सेवानिवृत्ति के बाद पिछले वर्ष आरके सिंह को एक साल का एक्सटेंशन दिया गया था। उनके कार्यकाल में यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति मिली। ऐसे में दोबारा कार्यकाल बढ़ाए जाने से उन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में निरंतरता बनी रहने की उम्मीद है, जिनकी शुरुआत हाल के दिनों में हुई है।
प्रशासनिक अनुभव और विकास परियोजनाओं को गति देने की क्षमता के लिए आरके सिंह की कार्यशैली की चर्चा होती रही है। यमुना अथॉरिटी से पहले वह मुरादाबाद और गाजियाबाद के जिलाधिकारी के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। दोनों जिलों में प्रशासनिक दायित्वों के दौरान उनके अनुभव ने उन्हें विकास और जनहित से जुड़े मामलों की बेहतर समझ दी।
आरके सिंह के कार्यकाल में यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में औद्योगिक, आवासीय और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम आगे बढ़ा है। उनका कार्यकाल बढ़ने से इन परियोजनाओं में प्रशासनिक निरंतरता रहने के साथ-साथ लंबित योजनाओं को भी गति मिलने की संभावना है। माना जा रहा है कि आने वाला एक वर्ष यमुना अथॉरिटी के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा।

















