पिंक बूथ सिर्फ नाम के नहीं, महिलाओं का भरोसेमंद सहारा बनें: बलवंत कुमार चौधरी

-डीसीपी मुख्यालय और एसीपी महिला अपराध ने मिशन शक्ति केंद्रों व पिंक बूथों की जमीनी हकीकत परखी
-शिकायतों के निस्तारण से लेकर महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी तक की जांच, लापरवाही पर सख्त निर्देश
-शाम आठ बजे तक खुले रहें पिंक बूथ, हर शिकायत पर हो नियमित फॉलोअप और पीडि़ता से लिया जाए फीडबैक

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित न रहे, इसके लिए पुलिस अधिकारियों ने मिशन शक्ति केंद्रों और पिंक बूथों की जमीनी स्थिति परखी। पुलिस आयुक्त  जे. रविन्दर गौड के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय बलवंत कुमार चौधरी एवं सहायक पुलिस आयुक्त महिला अपराध सुचिता सिंह ने संयुक्त रुप से बुधवार को मिशन शक्ति केंद्रों और पिंक बूथों का निरीक्षण कर महिला शिकायतों के निस्तारण, पुलिसकर्मियों की ड्यूटी और महिलाओं को मिलने वाली सहायता व्यवस्था की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने साफ किया कि मिशन शक्ति केंद्र और पिंक बूथ महिलाओं के लिए सहज, सुलभ और भरोसेमंद सहायता केंद्र के रूप में काम करने चाहिए। अधिकारियों ने मिशन शक्ति केंद्र थाना सिहानी गेट और थाना विजयनगर के साथ पिंक बूथ पुराना बस अड्डा तथा पिंक बूथ दूधेश्वरनाथ मंदिर का निरीक्षण किया। इस दौरान संबंधित पुलिसकर्मियों की ड्यूटी और उनके कार्यदायित्वों की जानकारी ली गई।

अधिकारियों ने संबंधित रजिस्टरों का अवलोकन कर शिकायतों से जुड़ी कार्रवाई की स्थिति भी परखी। महिला शिकायतकर्ताओं और पीडि़ताओं की शिकायतों पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की और उसके बाद उनसे नियमित फीडबैक लिया जा रहा है या नहीं, इसकी भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि मिशन शक्ति केंद्र और पिंक बूथ केवल शिकायत प्राप्त करने के स्थान न रहें, बल्कि महिलाओं के लिए भरोसेमंद सहायता केंद्र के रूप में विकसित किए जाएं। शिकायत मिलने के बाद प्रभावी कार्रवाई के साथ शिकायतकर्ता से नियमित फीडबैक लेने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पुलिसकर्मियों को महिला संबंधी मामलों में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। पुलिस उपायुक्त मुख्यालय बलवंत कुमार चौधरी ने निरीक्षण के दौरान महिला सुरक्षा व्यवस्था के हर महत्वपूर्ण पहलू को मौके पर परखा गया।

ड्यूटी, रजिस्टर, शिकायतों पर कार्रवाई, फॉलोअप, महिला पुलिसकर्मियों की उपलब्धता और जागरूकता अभियानों की स्थिति की एक साथ समीक्षा कर अधिकारियों ने यह संदेश दिया कि महिला सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर औपचारिकता स्वीकार नहीं की जाएगी। मिशन शक्ति के माध्यम से महिलाओं के लिए सुरक्षित, सुलभ और संवेदनशील पुलिसिंग व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार महिला शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई, नियमित फीडबैक और जनसंवाद को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि जरूरत के समय महिलाओं को पुलिस सहायता आसानी से उपलब्ध हो सके।

रजिस्टर में नहीं, मौके पर दिखना चाहिए शिकायतों के निस्तारण का असर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने महिला संबंधी शिकायतों में कार्रवाई के साथ फॉलोअप व्यवस्था पर विशेष जोर दिया। निर्देश दिए गए कि किसी महिला की शिकायत दर्ज होने के बाद मामला केवल रजिस्टर तक सीमित नहीं रहना चाहिए। शिकायतकर्ता से नियमित संपर्क कर यह सुनिश्चित किया जाए कि उसे आवश्यक पुलिस सहायता मिली या नहीं। महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी और पिंक बूथों पर उनकी उपलब्धता की स्थिति भी जांची गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि पिंक बूथ निर्धारित समय तक, विशेष रूप से शाम आठ बजे तक खुले रहें। वहां आने वाली महिलाओं और शिकायतकर्ताओं के साथ पुलिसकर्मियों का व्यवहार संवेदनशील और सहयोगात्मक होना चाहिए।

जरूरत पडऩे पर संबंधित थाने और अधिकारी से तत्काल समन्वय कर महिला की समस्या का समाधान कराया जाए। निरीक्षण के दौरान मिशन शक्ति टीम के क्षेत्र में चलाए जा रहे महिला सुरक्षा और जागरूकता अभियानों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने यह जानकारी ली कि स्कूल, कॉलेज, बाजार, कार्यस्थल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं एवं बालिकाओं से संवाद और जागरूकता गतिविधियां नियमित रूप से की जा रही हैं या नहीं।

महिलाओं के बीच पहुंच बढ़ाने के दिए निर्देश
एसीपी महिला अपराध सुचिता सिंह ने पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि महिला सुरक्षा से जुड़े अभियान केवल औपचारिकता बनकर न रह जाएं। स्थानीय स्तर पर महिलाओं और बालिकाओं से लगातार संवाद स्थापित किया जाए, ताकि उन्हें पुलिस की सहायता और उपलब्ध हेल्पलाइन के बारे में जानकारी हो। मिशन शक्ति केंद्रों पर उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर, महिला सुरक्षा संबंधी जानकारी और जागरूकता सामग्री की भी जांच की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि यह सामग्री आसानी से दिखाई देने वाले स्थान पर उपलब्ध हो, ताकि जरूरत पडऩे पर महिला तत्काल संबंधित सहायता प्राप्त कर सके।