रात के पहरे में पुलिस उपायुक्त ने बदला अंदाज, सड़कों पर गश्त के साथ मौके पर परखी सुरक्षा की हकीकत

  • महिलाओं और आमजन की सुरक्षा में चूक बर्दाश्त नहीं, हर संवेदनशील जगह पर रहे पुलिस की नजर: ऋजुल
  • रात के अंधेरे में खुद सड़कों पर उतरे डीसीपी, सुनसान रास्तों से लेकर चौराहों तक परखी सुरक्षा
  • भारी पुलिस बल के साथ इंदिरापुरम में पैदल गश्त, लोगों से संवाद कर जाना सुरक्षा का हाल
  • डार्क स्पॉट चिन्हित कर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त कराने और महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। रात के अंधेरे में सुनसान सड़कों और गलियों में आमजन की सुरक्षा का भरोसा मजबूत करने तथा अपराधियों में पुलिस की मौजूदगी का संदेश देने के लिए ट्रांस हिंडन जोन के पुलिस उपायुक्त ऋजुल बुधवार रात खुद सड़कों पर उतरे। उन्होंने पुलिस आयुक्त इन्दिरापुरम सूर्यबली मौर्य, सहायक पुलिस आयुक्त साहिबाबाद अमित सक्सेना, सहायक पुलिस आयुक्त शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त महिला अपराध सुचिता सिंह व थाना प्रभारी इंदिरापुरम एवं भारी पुलिस बल के साथ इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में पैदल गश्त की और प्रमुख मार्गों, सुनसान रास्तों, गलियों, चौराहों तथा सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को मौके पर परखा। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर सुरक्षा संबंधी जानकारी भी ली। डीसीपी ऋजुल के नेतृत्व में हुई पैदल गश्त के दौरान पुलिस ने केवल प्रमुख मार्गों तक सीमित रहने के बजाय उन स्थानों पर भी पहुंच बनाई, जहां रात के समय लोगों की आवाजाही कम रहती है। अधिकारियों ने अंधेरे वाले स्थानों की पहचान की और वहां प्रकाश व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। डार्क स्पॉट चिन्हित कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

पैदल गश्त के दौरान डीसीपी ऋजुल ने इंदिरापुरम क्षेत्र के विभिन्न मार्गों और सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि रात के समय किन स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है। सुनसान रास्तों और गलियों में सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया गया। साथ ही चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी पुलिस की सक्रियता को परखा गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनकी सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को जाना। पुलिस का उद्देश्य लोगों में यह भरोसा पैदा करना रहा कि रात के समय भी पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए सड़कों पर मौजूद है। पैदल गश्त के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत दिखाई दी। डीसीपी के साथ सहायक पुलिस आयुक्त इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य, सहायक पुलिस आयुक्त साहिबाबाद अमित सक्सेना, सहायक पुलिस आयुक्त शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त महिला अपराध सुचिता सिंह और थाना प्रभारी इंदिरापुरम समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा।

गश्त के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ऐसे स्थानों को विशेष रूप से देखा, जहां पर्याप्त रोशनी नहीं थी। इन स्थानों को डार्क स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया। संबंधित जिम्मेदारों को प्रकाश व्यवस्था बेहतर कराने और सुरक्षा की दृष्टि से सक्रिय निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अंधेरे और सुनसान स्थान अपराध की दृष्टि से संवेदनशील हो सकते हैं, इसलिए वहां सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखना जरूरी है। महिला अपराध की रोकथाम को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। महिलाओं और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों को सक्रियता के साथ क्षेत्र में निगरानी रखने को कहा गया।

बाजार, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। डीसीपी ऋजुल ने पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं होनी चाहिए। रात के समय संवेदनशील और सुनसान इलाकों में लगातार गश्त की जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल नजर रखी जाए। महिलाओं और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पुलिस की मौजूदगी और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

पुलिस उपायुक्त ऋजुल ने कहा रात के समय सड़क पर पुलिस की मौजूदगी केवल गश्त नहीं, बल्कि आमजन के लिए सुरक्षा का भरोसा है। संवेदनशील और सुनसान स्थानों पर पुलिस की सक्रियता लगातार दिखाई देनी चाहिए। डार्क स्पॉट चिन्हित कर उन्हें सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। महिलाओं और आमजन की सुरक्षा में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। पुलिस सड़कों पर रहेगी और कानून तोडऩे वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।