- जीडीए उपाध्यक्ष कलाल ने जनप्रतिनिधियों के साथ मौके पर पहुंचकर परखी विकास कार्यों की हकीकत
- क्षतिग्रस्त हिस्सों की तकनीकी जांच के बाद तैयार होगा नाले की मरम्मत का प्रस्ताव
- प्रधानमंत्री आवास योजना समेत जीडीए की योजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया जोर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मोदीनगर क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने कवायद शुरू कर दी है। बुधवार को जीडीए उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल ने बागपत सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, मोदीनगर विधायक डॉ. मंजू सिवाच और नगर पालिका अध्यक्ष विनोद वैशाली समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मोदीनगर के मध्य से गुजर रहे क्षतिग्रस्त नाले के पुनरुद्धार, गांधी स्टेडियम में हाईमास्ट लाइट लगाने और जीडीए की विभिन्न योजनाओं की प्रगति का मौके पर जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान जीडीए उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहा जाए, बल्कि मौके की वास्तविक स्थिति का तकनीकी आकलन कर व्यवहारिक प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उन्होंने नागरिक सुविधाओं, जल निकासी व्यवस्था और क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्रा, चीफ इंजीनियर आलोक रंजन, अधिशासी अभियंता राजीव सिंह समेत जीडीए के अधिकारी और तकनीकी टीम मौजूद रही। मोदीनगर के बीच से गुजर रहे नाले का निरीक्षण करते हुए सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, विधायक डॉ. मंजू सिवाच और जीडीए उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल ने नाले के क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान नाले के पुनरुद्धार और मरम्मत की संभावनाओं पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर करने के लिए नाले की मरम्मत की आवश्यकता से अवगत कराया। जीडीए उपाध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नाले की मौजूदा स्थिति का तकनीकी परीक्षण कराया जाए। इसके बाद आवश्यक मरम्मत और पुनरुद्धार कार्यों का आकलन करते हुए प्रस्ताव तैयार किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रस्ताव तैयार करते समय क्षेत्र की वर्तमान आवश्यकताओं के साथ नागरिकों को होने वाली परेशानी और जल निकासी व्यवस्था को भी ध्यान में रखा जाए। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि स्थल की वास्तविक स्थिति के आधार पर ही कार्य की आवश्यकता, दायरा और तकनीकी समाधान तय किया जाए, जिससे प्रस्ताव व्यावहारिक होने के साथ लंबे समय तक उपयोगी साबित हो। निरीक्षण के दौरान जीडीए उपाध्यक्ष और जनप्रतिनिधियों ने गांधी स्टेडियम का भी जायजा लिया। जनप्रतिनिधियों की ओर से स्टेडियम में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के लिए हाईमास्ट लाइटें लगाने का अनुरोध किया गया। इस पर जीडीए उपाध्यक्ष ने तकनीकी टीम को मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाईमास्ट लाइट लगाने के लिए स्टेडियम में उपयुक्त स्थान, प्रकाश की आवश्यकता, तकनीकी मानक और अनुमानित लागत का आकलन किया जाए। इसके आधार पर एस्टीमेट तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हाईमास्ट लाइट लगने से स्टेडियम परिसर में प्रकाश व्यवस्था बेहतर होने के साथ लोगों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। जीडीए उपाध्यक्ष ने मोदीनगर क्षेत्र में प्राधिकरण की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य योजनाओं की प्रगति और मौके की स्थिति की जानकारी ली गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण और विकास कार्यों में गुणवत्ता के साथ समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए और कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। इसके बाद जीडीए उपाध्यक्ष ने सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर क्षेत्र की विकास संबंधी आवश्यकताओं और सुझावों की जानकारी ली। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने मोदीनगर क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों और विकास कार्यों की जरूरत से अधिकारियों को अवगत कराया। जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की ओर से दिए गए सुझावों का तकनीकी और वित्तीय दृष्टि से परीक्षण कराया जाएगा। जनहित से जुड़े कार्यों की आवश्यकता का मौके पर आकलन करने के बाद नियमानुसार प्रभावी और व्यवहारिक प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।

















