शहर की सरकार का अपना आशियाना, आधुनिक सुविधाओं से सजेगा निगम का नया ठिकाना

  • 12 हजार वर्ग मीटर में आकार लेगा प्रशासन का नया केंद्र, भवन में होंगी आधुनिक तकनीक और सुविधाएं
  • बोर्ड बैठक से लेकर जनसुनवाई तक के लिए अलग-अलग इंतजाम, पार्षदों और अधिकारियों को मिलेगी सहूलियत
  • नए मुख्यालय के आसपास भी बदलेगी तस्वीर, सड़क, रोशनी और रोजगार के अवसरों को मिलेगी गति, 92 करोड़ से बनेगा निगम का मुख्यालय
  • मुख्यालय के निर्माण से नंदग्राम-राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में भी विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहरवासियों के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में गाजियाबाद नगर निगम को जल्द ही अपना भव्य और आधुनिक मुख्यालय मिलने जा रहा है। वर्षों से अपने स्थायी मुख्यालय की प्रतीक्षा कर रहे नगर निगम का सपना अब साकार होने की दिशा में आगे बढ़ गया है। मंगलवार को नंदग्राम-राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में प्रस्तावित नगर निगम के नवीन कार्यालय भवन का भूमि पूजन कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, सांसद अतुल गर्ग, विधायक संजीव शर्मा, महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक सहित जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रुप से किया। करीब 12 हजार वर्ग मीटर भूमि पर 92 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस भवन का निर्माण 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नगर निगम का नया मुख्यालय केवल एक प्रशासनिक भवन नहीं होगा, बल्कि शहर के विकास, जनसमस्याओं के समाधान और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रमुख केंद्र बनेगा। दो बेसमेंट सहित पांच मंजिला इस आधुनिक भवन में अधिकारियों, कर्मचारियों, पार्षदों और शहरवासियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

भूमि पूजन कार्यक्रम में निगम के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में पार्षद भी मौजूद रहे। भूमि पूजन कार्यक्रम में मौजूद सांसद अतुल गर्ग और विधायक संजीव शर्मा ने नगर निगम के नवीन मुख्यालय के निर्माण को शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए आधुनिक और सुविधायुक्त नगर निगम मुख्यालय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अपना मुख्यालय बनने से निगम की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को मजबूती मिलेगी और शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने भी इस पहल को गाजियाबाद के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए निगम परिवार को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त कार्यालय भवन शहर के विकास कार्यों को नई गति देने में सहायक होगा। कार्यक्रम में मौजूद पार्षदों ने भी नए मुख्यालय के निर्माण पर खुशी जताई।

उन्होंने महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक का आभार व्यक्त किया। पार्षदों का कहना था कि अपना मुख्यालय होने से नगर निगम की कार्यप्रणाली को नई पहचान मिलेगी और शहर की समस्याओं के समाधान के लिए एक बेहतर व्यवस्था विकसित होगी। नए मुख्यालय के निर्माण के साथ गाजियाबाद नगर निगम को अपना स्थायी और आधुनिक प्रशासनिक केंद्र मिलने जा रहा है। इससे न केवल निगम की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि शहरवासियों को भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध होगी। इस दौरान अपर नगर आयुक्त अवनीन्द्र कुमार, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, उद्यान प्रभारी डॉ अनुज कुमार सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश कुमार, जलकल जीएम केपी आनंद, अकाउंट ऑफिसर अनुराग सिंह, मुख्य लेखा परीक्षक विवेक सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध सिंह आदि मौजूद रहे।

अब एक छत के नीचे सिमटेगा निगम का पूरा सिस्टम
महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि नगर निगम लगातार शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है। इसी कड़ी में निगम का अपना मुख्यालय बनाने की योजना को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि नया मुख्यालय शहर के बीचोंबीच और नागरिकों की पहुंच को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है। इससे लोगों को अपनी शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए आने-जाने में सुविधा मिलेगी। निगम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी।

महापौर ने कहा कि जिस स्थान पर नए मुख्यालय का निर्माण किया जा रहा है, उसके आसपास के क्षेत्र का भी तेजी से विकास होगा। यहां बेहतर सड़कें, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित होंगी। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में यह भवन गाजियाबाद की पहचान बनेगा। इस महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने में पार्षदों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

92 करोड़ की लागत से बनेगा हाईटेक मुख्यालय, 18 महीने में पूरा होगा निर्माण : नगर आयुक्त
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम के अपने मुख्यालय के निर्माण के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। शासन स्तर पर जनप्रतिनिधियों की ओर से भी लगातार इस मांग को उठाया जाता रहा है। अब इन प्रयासों को सफलता मिल रही है। करीब 12 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में 92 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मुख्यालय तैयार किया जाएगा। निर्माण कार्य को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि भवन में दो बेसमेंट और पांच मंजिल होंगी। इसमें पांच लिफ्ट लगाई जाएंगी, जिससे अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। भवन में 200 व्यक्तियों की क्षमता वाला सदन कक्ष बनाया जाएगा, जहां नगर निगम की बोर्ड बैठक और महत्वपूर्ण चर्चाएं आयोजित की जा सकेंगी।

इसके अलावा 100 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक बैठक कक्ष और कैंटीन की सुविधा भी उपलब्ध होगी। नगर आयुक्त ने बताया कि नए मुख्यालय को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। भवन में 50 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र, अग्नि चेतावनी प्रणाली, नेटवर्किंग सिस्टम और 630 केवीए क्षमता का जनरेटर लगाया जाएगा। पूरा भवन केंद्रीय वातानुकूलन व्यवस्था से युक्त होगा। पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि यहां आने वाले लोगों को वाहन खड़े करने में परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि भवन का निर्माण इस तरह कराया जाएगा कि आने वाले वर्षों में भी नगर निगम की प्रशासनिक जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सके।