मेडिकल स्टोर चलाना हुआ चुनौतीपूर्ण! नए नियमों और कंपनियों की मनमानी पर भड़के व्यापारी

  • सीसीटीवी और वेबसाइट अनिवार्यता को बताया अव्यावहारिक, एआईओसीडी और ओसीडी यूपी ने भी जताया विरोध
  • फूड लाइसेंस नवीनीकरण के नाम पर फोन करने वालों से सावधान रहने की अपील, व्यापारियों को खुद काम कराने की सलाह
  • नशेडिय़ों को सिरिंज और नशे वाली दवाएं बेचने पर रोक, नियम तोडऩे वालों पर संगठन सख्त

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दवा कारोबारियों पर लगातार नए नियम लागू किए जाने को लेकर दवा व्यापारियों में नाराजगी बढऩे लगी है। केंद्र और प्रदेश सरकार के स्तर से जारी किए जा रहे नए सर्कुलर को लेकर दवा विक्रेता संगठन ने विरोध जताया है। संगठन का कहना है कि फुटकर दवा व्यापारियों के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की सिफारिश और सभी दवा कारोबारियों के लिए वेबसाइट बनाने जैसे नियम व्यावहारिक नहीं हैं। इनसे छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक और प्रशासनिक बोझ पड़ेगा। इस संबंध में एआईओसीडी और ओसीडी यूपी पहले ही अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। अब स्थानीय संगठन भी विरोध स्वरूप ज्ञापन भेजेगा। मंगलवार को नई बस्ती स्थित संस्था कार्यालय पर आयोजित कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक में दवा व्यापारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में राजदेव त्यागी ने कहा कि सरकार की ओर से लगातार नए सर्कुलर जारी होने से दवा कारोबारियों के सामने अनावश्यक परेशानियां खड़ी हो रही हैं। नियम बनाते समय छोटे और फुटकर दवा व्यापारियों की व्यावहारिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन व्यापारियों के हितों की अनदेखी नहीं होने देगा और जरूरत पडऩे पर विरोध को आगे बढ़ाया जाएगा। बैठक में कुछ दवा कंपनियों की ओर से एक्सपायरी दवाओं को वापस नहीं लेने और विभाग में लाइसेंस नवीनीकरण (रिटेंशन) से जुड़ी समस्याओं की शिकायतें भी सामने आईं। इस पर व्यापारियों ने नाराजगी जताई।

राजदेव त्यागी ने कहा कि संबंधित कंपनियों को अपनी व्यवस्था सुधारने के लिए कहा गया है। वहीं, विभागीय अधिकारियों से शीघ्र मुलाकात कर लाइसेंस नवीनीकरण की समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। यदि इसके बाद भी व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन विरोध का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेगा। बैठक में महामंत्री जयदीप गुप्ता, कोषाध्यक्ष राकेश पचौरी, संगठन मंत्री अमित बंसल, अनिल गुप्ता, अश्विनी कुमार गोयल, संजीव देव, कमल, राहुल शर्मा, संदीप गोयल और अनुज गर्ग सहित कार्यकारिणी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

नए नियमों से छोटे कारोबारियों पर बढ़ेगा बोझ
राजदेव त्यागी ने कहा कि सीसीटीवी लगाने की सिफारिश और प्रत्येक दवा व्यापारी के लिए वेबसाइट बनाने जैसी व्यवस्थाएं छोटे कारोबारियों के लिए व्यवहारिक नहीं हैं। सरकार को ऐसे नियम लागू करने से पहले व्यापारियों की समस्याओं और आर्थिक स्थिति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि एआईओसीडी और ओसीडी यूपी के महासचिव राजीव सिंघल और सुधीर अग्रवाल के प्रयासों से एबट कंपनी से एक्सपायरी दवाओं से जुड़ी समस्या का समाधान हुआ है। इसके लिए बैठक में दोनों पदाधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया गया।

फूड लाइसेंस के नाम पर ठगी से बचें, किसी अनजान व्यक्ति को न दें जानकारी
महामंत्री जयदीप गुप्ता ने बैठक में बताया कि जिन दवा व्यापारियों के फूड लाइसेंस के नवीनीकरण का समय आया है, उन्हें कुछ अनजान नंबरों से फोन किए जा रहे हैं। ऐसे फोन करने वाले लोगों के बहकावे में न आएं और किसी को अनावश्यक जानकारी या भुगतान न करें। व्यापारी अपना काम स्वयं कराएं। यदि लाइसेंस नवीनीकरण अथवा अन्य किसी प्रक्रिया में परेशानी आती है तो सीधे संस्था से संपर्क करें। संस्था व्यापारियों के हितों और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर है।

नशेडिय़ों को सिरिंज और नशीली दवाएं बेचने वालों को चेतावनी
बैठक में नई बस्ती क्षेत्र में नशेडिय़ों के जमावड़े का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। पदाधिकारियों ने दवा व्यापारियों से अपील की कि किसी भी नशेड़ी अथवा संदिग्ध व्यक्ति को डिस्पोवेन सिरिंज या नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं उपलब्ध न कराएं। ऐसे लोगों को सिरिंज और नशीली दवाएं देने से न केवल नशे की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलता है, बल्कि व्यापारियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है।

राजदेव त्यागी ने व्यापारियों से कहा कि दवाओं का क्रय-विक्रय केवल निर्धारित नियमों के अनुसार करें। प्रत्येक दवा की खरीद और बिक्री का बिल अवश्य रखें। नींद की दवाएं डॉक्टर के पर्चे पर ही उपलब्ध कराएं तथा इनके बिक्री संबंधी अभिलेख सुरक्षित रखें। दवाओं का कारोबार पूरी जिम्मेदारी और नियमों के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए।