- इंदिरापुरम के इंस्टामार्ट वेयरहाउस और गैलेक्सी फर्नीचर गोदाम में आग बुझाने के दौरान दिखाया था अदम्य साहस
- सीएफओ सौरभ कुमार सिंह की सूझबूझ, कुशल नेतृत्व और त्वरित निर्देशन से रिहायशी इलाकों तक नहीं पहुंच सकी आग
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। संकट की घड़ी में जब आग की लपटें विकराल रूप ले रही हों और आसपास रिहायशी इमारतों में रहने वाले लोगों की जिंदगी खतरे में हो, तब हर पल कीमती होता है। ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में अग्निशमन विभाग की टीम ने अपने साहस, तत्परता और पेशेवर दक्षता से न केवल भीषण आग पर काबू पाया, बल्कि कई नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालकर बड़ी अनहोनी टाल दी। एक अक्टूबर को इंदिरापुरम क्षेत्र स्थित इंस्टामार्ट वेयरहाउस एवं गैलेक्सी फर्नीचर गोदाम में लगी भीषण आग के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने जिस तरह मोर्चा संभाला, वह विभाग की कार्यकुशलता और जनसेवा के प्रति समर्पण का उदाहरण बन गया। इस पूरे अभियान में मुख्य अग्निशमन अधिकारी सौरभ कुमार सिंह का नेतृत्व और उनकी कार्यशैली विशेष रूप से सराहनीय रही।
आग लगने की सूचना पर अग्निशमन दल ने विषम परिस्थितियों में तत्काल मोर्चा संभाला। आग की गंभीरता और आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में उसके फैलने की आशंका के बीच टीम ने प्रभावी ढंग से अग्निशमन एवं बचाव कार्य किया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सौरभ कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व और निर्देशन में कर्मियों ने आग को आसपास के घरों और फ्लैटों तक पहुंचने से रोका। साथ ही घरों और फ्लैटों में मौजूद नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान चलाया। इस दौरान अग्निशमन कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

सीएफओ की कार्यशैली ने चुनौतीपूर्ण अभियान को दी दिशा
इस अग्निकांड के दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी सौरभ कुमार सिंह की नेतृत्व क्षमता और कार्यशैली महत्वपूर्ण रही। गंभीर परिस्थितियों में प्रभावी निर्देशन, सूझबूझ और टीम के साथ समन्वय बनाकर काम करना उनकी कार्यशैली की विशेषता के रूप में सामने आया। अग्निशमन जैसे चुनौतीपूर्ण विभाग में केवल संसाधनों की उपलब्धता ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि सही समय पर निर्णय लेना, कर्मियों का मनोबल बनाए रखना और बचाव कार्य को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाना भी बेहद जरूरी होता है।
सौरभ कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने इन्हीं पहलुओं के साथ अभियान को अंजाम दिया। उनके निर्देशन में अग्निशमन कर्मियों ने आग पर नियंत्रण के साथ-साथ नागरिकों को सुरक्षित निकालने पर भी विशेष ध्यान दिया। टीम भावना और आपसी तालमेल के चलते आग को रिहायशी क्षेत्र में फैलने से रोकने में सफलता मिली। इस कार्रवाई ने साबित किया कि आपदा के समय प्रशिक्षित और समर्पित अग्निशमन दल किस तरह बड़ी जनहानि को रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है।
28 अधिकारियों-कर्मचारियों को मिला सम्मान
अग्निकांड के दौरान प्रदर्शित अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए शुक्रवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड ने अग्निशमन विभाग के 28 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में मुख्य अग्निशमन अधिकारी सौरभ कुमार सिंह, एफएसएसओ मूलचंद सिंह, लीडिंग फायरमैन नेत्रपाल सिंह, चालक रामपाल सिंह, चालक सतेंद्र तोमर, फायरमैन सौरव राणा और फायरमैन विनय यादव सहित अन्य कर्मी शामिल रहे।
टीम भावना और जनसेवा बनी विभाग की पहचान
इंदिरापुरम अग्निकांड में अग्निशमन विभाग की कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आपात स्थिति में साहस, सूझबूझ और टीम भावना कितनी महत्वपूर्ण होती है। सीएफओ सौरभ कुमार सिंह के नेतृत्व में पूरी टीम ने जिस तत्परता से आग पर नियंत्रण और नागरिकों के बचाव का कार्य किया, वह विभाग के लिए गौरव का विषय है। 28 कर्मियों का सम्मान न केवल उनके उत्कृष्ट कार्यों की पहचान है, बल्कि उन सभी अग्निशमन कर्मियों के लिए प्रेरणा भी है, जो हर दिन दूसरों की सुरक्षा के लिए जोखिम उठाकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।

















