लखनऊ में अवैध शराब की ‘नो एंट्री’, आबकारी विभाग का चक्रव्यूह, हाईवे से रेलवे स्टेशन तक दिन-रात निगरानी

  • बाहरी राज्यों से शराब तस्करी रोकने को सक्रिय हुई टीमें, वाहनों और संदिग्ध स्थानों पर लगातार जांच
  • लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर ट्रक, टैंकर और छोटे व्यावसायिक वाहनों की सघन चेकिंग
  • जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान खुद कर रहे निगरानी, टीमों को दिए सतर्कता के निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ को बाहरी राज्यों से होने वाली अवैध शराब की तस्करी से सुरक्षित रखने के लिए आबकारी विभाग ने निगरानी और जांच का अभियान तेज कर दिया है। विभाग की टीमें राजमार्ग, राष्ट्रीय मार्ग और रेलवे स्टेशन पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। दिन के साथ रात में भी संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है। शनिवार रात को आबकारी निरीक्षक कौशलेन्द्र रावत और अखिलेश चौधरी की संयुक्त टीम ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर अभियान चलाकर भारी वाहनों के साथ छोटे व्यावसायिक वाहनों की भी जांच की। अभियान के दौरान ट्रकों, टैंकरों और अन्य वाहनों को रोककर उनके कागजात और सामान की जांच की गई। टीम ने चालकों को भी स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि बाहरी राज्य की शराब का अवैध परिवहन मिलने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग की ओर से यह भी बताया गया कि अवैध शराब की तस्करी में इस्तेमाल वाहन को भी नियमानुसार जब्त किया जा सकता है।

आबकारी विभाग की टीमों की लगातार सक्रियता से हाईवे पर संदिग्ध वाहनों की जांच का दायरा बढ़ा है। शनिवार को लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हुई कार्रवाई में टीम ने छोटे-बड़े सभी प्रकार के व्यावसायिक वाहनों पर नजर रखी। अधिकारियों ने चालकों से पूछताछ के साथ वाहन में रखे सामान की भी जांच की। विभाग की कार्यशैली में खास बात यह रही कि टीमों ने केवल दिन के समय ही नहीं, बल्कि रात में भी निगरानी व्यवस्था को सक्रिय रखा है। इससे तस्करी के लिए रात के समय मार्गों का इस्तेमाल करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान लगातार जारी रहेगा और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

हाईवे पर तस्करी रोकने को बनाया निगरानी तंत्र
जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। वह स्वयं टीमों की चेकिंग व्यवस्था और कार्रवाई की समीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों का जोर ऐसे वाहनों की पहचान करने पर है, जिनके जरिए दूसरे राज्यों से शराब लाकर लखनऊ में खपाने की आशंका हो सकती है। करुणेन्द्र सिंह सचान ने कहा कि बाहरी राज्यों से होने वाली अवैध शराब की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाना विभाग की प्राथमिकता है।

इसके लिए हाईवे, प्रमुख मार्गों और रेलवे स्टेशनों पर निगरानी बढ़ाई गई है। टीमों को दिन-रात सतर्क रहकर संदिग्ध वाहनों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध शराब के परिवहन में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शराब तस्करी को रोकने के लिए केवल एक स्थान पर चेकिंग पर्याप्त नहीं है, बल्कि संभावित सभी मार्गों पर निगरानी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग की टीमें अलग-अलग स्थानों पर लगातार अभियान चला रही हैं।

रेलवे स्टेशनों पर भी निगरानी
हाईवे के अलावा रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में भी जांच की जा रही है। बाहरी राज्यों से ट्रेन के माध्यम से शराब लाए जाने की आशंका को देखते हुए आबकारी टीमों द्वारा संदिग्ध सामान और यात्रियों पर नजर रखी जा रही है। विभाग का उद्देश्य शराब तस्करी के संभावित सभी रास्तों को निगरानी के दायरे में लाना है। जिला आबकारी अधिकारी की सीधी निगरानी में चल रहे इस अभियान में निरीक्षकों और टीमों को लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग का यह ‘अवैध शराब मुक्त लखनऊ’ मिशन केवल कार्रवाई तक सीमित न रहकर लगातार निगरानी, संदिग्ध वाहनों की जांच और तस्करी के संभावित मार्गों पर पहरा मजबूत करने पर केंद्रित है। आबकारी विभाग की टीमों की सक्रियता से अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में अभियान को गति मिली है।