- अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर थानेवार समीक्षा, लापरवाही पर जवाबदेही तय करने के संकेत
- जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण, गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश
- अभियानों की प्रगति पर ली जानकारी, चौकी स्तर पर पुलिस की सक्रियता बढ़ाने पर जोर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। ट्रांस हिंडन जोन में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस उपायुक्त ऋजुल ने सोमवार को चौकी प्रभारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक कर पुलिसिंग की दिशा स्पष्ट कर दी। थाना इंदिरापुरम के मीटिंग हॉल में आयोजित बैठक में उन्होंने अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने और विभिन्न पुलिस अभियानों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की। बैठक में उनका जोर इस बात पर रहा कि चौकी स्तर की पुलिसिंग जितनी सक्रिय और प्रभावी होगी, उतना ही क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने और लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने में मदद मिलेगी। डीसीपी ने ट्रांस हिंडन जोन के सभी चौकी प्रभारियों से उनके क्षेत्रों की स्थिति और चल रहे अभियानों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जाए और अपराध की संभावनाओं वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां निगरानी बढ़ाई जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर नजर तथा स्थानीय स्तर पर सूचनाओं का मजबूत तंत्र विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए पुलिस अधिकारियों से लंबित मामलों और अपराध की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई। डीसीपी ऋजुल ने स्पष्ट किया कि पुलिस की सक्रियता केवल घटना के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अपराध होने से पहले उसकी संभावना को रोकने के लिए भी लगातार प्रयास किए जाने जरूरी हैं। इसके लिए चौकी प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी रखें और पुलिस की मौजूदगी प्रभावी तरीके से सुनिश्चित करें। बैठक में जनसुरक्षा को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। डीसीपी ने कहा कि पुलिस के लिए आमजन का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है। लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और उनके निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो।
चौकी स्तर पर आने वाली शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस की कार्यप्रणाली में संवेदनशीलता के साथ-साथ जवाबदेही बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। कानून-व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने, नियमित गश्त करने और किसी भी अप्रिय स्थिति की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए। डीसीपी ने चौकी प्रभारियों को अपने क्षेत्र के प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और अन्य संवेदनशील इलाकों की स्थिति से लगातार अपडेट रहने को कहा।
अभियानों की प्रगति पर ली जानकारी
बैठक के दौरान ट्रांस हिंडन जोन में चलाए जा रहे विभिन्न पुलिस अभियानों और कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। चौकी प्रभारियों से अभियानवार जानकारी लेते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभियान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि उनका असर क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। डीसीपी ऋजुल ने पुलिसकर्मियों को अपने-अपने क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखने और किसी भी सूचना को हल्के में नहीं लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए थाना और चौकी स्तर पर आपसी समन्वय मजबूत होना जरूरी है।
क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की सक्रियता लगातार बनी रहनी चाहिए। बैठक में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा और विभिन्न अभियानों की प्रगति को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। डीसीपी की समीक्षा बैठक से स्पष्ट रहा कि ट्रांस हिंडन जोन में पुलिसिंग को अधिक सक्रिय, जवाबदेह और क्षेत्र-केंद्रित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। चौकी प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में पुलिस की प्रभावी मौजूदगी सुनिश्चित करने और अपराध की रोकथाम के लिए लगातार काम करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस उपायुक्त ऋजुल ने कहा कि ट्रांस हिंडन जोन में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। चौकी प्रभारी अपने क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखें और अपराध की सूचना मिलने का इंतजार करने के बजाय उसकी रोकथाम के लिए पहले से सक्रिय रहें। आमजन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए। पुलिस की मौजूदगी और कार्रवाई दोनों जमीन पर दिखाई देनी चाहिए। लापरवाही मिलने पर संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी।

















