कौशांबी में 100 से ज्यादा कियोस्क जल्द होंगे तैयार, पुराने पथ विक्रेताओं को मिलेगी पहली प्राथमिकता

-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक, वेंडरों के सत्यापन के लिए बनी समिति
-दो दिन में सत्यापन पूरा कर रिपोर्ट देने के निर्देश, अन्य जोन में भी वेंडिंग व्यवस्था को लेकर बनेगी योजना
-नगर निगम के 311 पोर्टल पर सभी पथ विक्रेताओं का पंजीकरण अनिवार्य, ऑनलाइन तैयार होगा वेंडरों का डेटाबेस

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर को जाम मुक्त बनाने और पथ विक्रेताओं को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम ने कवायद तेज कर दी है। नगर निगम मुख्यालय में शनिवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में हुई टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में पथ विक्रेताओं के सत्यापन, वेंडिंग जोन के विकास और कियोस्क आवंटन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में तय किया गया कि कौशांबी में बनाए जा रहे कियोस्क के आवंटन में पुराने पथ विक्रेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए पहले उनका सत्यापन कराया जाएगा। साथ ही शहर के सभी पथ विक्रेताओं का नगर निगम के 311 पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण भी अनिवार्य किया जाएगा। नगर निगम कौशांबी में पथ विक्रेताओं के लिए वेंडिंग जोन विकसित कर रहा है।

यहां 100 से अधिक कियोस्क बनाने का कार्य अंतिम चरण में है। इन्हें पथ विक्रेताओं को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। आवंटन में किसी तरह की गड़बड़ी न हो और पात्र पुराने विक्रेताओं को प्राथमिकता मिल सके, इसके लिए नगर आयुक्त ने सत्यापन समिति गठित की है। समिति को दो दिन के भीतर सत्यापन पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति में अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध कुमार, नगर निगम उपाध्यक्ष एवं पार्षद प्रवीण चौधरी, परियोजना अधिकारी रजनी सिंह, क्षेत्रीय यातायात निरीक्षक, वेंडर तेजपाल सिंह और प्रदीप शर्मा को शामिल किया गया है।

सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर कियोस्क आवंटन को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में स्पष्ट किया गया कि पथ विक्रेताओं को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सड़क और फुटपाथ पर अनियंत्रित तरीके से दुकानें लगने से यातायात प्रभावित न हो। वेंडिंग जोन बनने से विक्रेताओं को कारोबार के लिए निर्धारित स्थान मिलेगा और आम लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानी कम करने में मदद मिलेगी।

अन्य जोन में भी बनेगी योजना
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि पथ विक्रेताओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान और उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के लिए नगर निगम समय-समय पर बैठकें करता है। टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में भी विक्रेताओं की समस्याओं के साथ शहर में विकसित किए जा रहे वेंडिंग जोन पर विस्तार से चर्चा की गई। कौशांबी में चल रहे कार्य के आधार पर अन्य जोन में भी इसी तरह की व्यवस्था विकसित करने की योजना बनाई जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वसुंधरा जोन की तर्ज पर अन्य जोन में भी पथ विक्रेताओं को व्यवस्थित करने की संभावनाओं पर काम किया जाए।

इसके लिए योजना तैयार कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। नगर निगम का उद्देश्य है कि पथ विक्रेताओं को आजीविका के लिए उपयुक्त स्थान मिले और सड़क किनारे अव्यवस्थित ढंग से दुकानें लगने के कारण यातायात बाधित न हो। बैठक में यातायात पुलिस विभाग के प्रतिनिधियों, पार्षदों, जोनल प्रभारियों और टाउन वेंडिंग कमेटी के सदस्यों ने भी अपने सुझाव दिए। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को सुझावों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।

311 पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य, बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
शहर के सभी पथ विक्रेताओं का ऑनलाइन पंजीकरण कराने का भी निर्णय लिया गया। नगर आयुक्त ने सभी जोनल प्रभारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में पथ विक्रेताओं का पंजीकरण नगर निगम के 311 पोर्टल पर सुनिश्चित कराएं। ऑनलाइन पंजीकरण होने से विक्रेताओं का व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे उनकी पहचान, उपलब्ध जानकारी और भविष्य में उन्हें सुविधाएं देने से जुड़ी योजनाओं को तैयार करने में मदद मिलेगी। नगर आयुक्त के मुताबिक, पंजीकरण के आधार पर नगर निगम के पास शहर के पथ विक्रेताओं का डेटाबेस उपलब्ध होगा।

इससे उन्हें निर्धारित स्थानों पर स्थापित करने और वेंडिंग जोन की जरूरत के अनुसार योजनाएं बनाने में आसानी होगी। बैठक में पार्षद प्रवीण चौधरी, ओम प्रकाश ओड़ और राजीव शर्मा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। नगर निगम की इस पहल से एक ओर पथ विक्रेताओं को व्यवस्थित ढंग से कारोबार करने का अवसर मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने और जाम की समस्या कम करने में भी मदद मिल सकती है। अब कौशांबी में सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद कियोस्क आवंटन की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।