- 11 जनसमस्याओं पर नगर आयुक्त का त्वरित फैसला, अफसरों को मौके पर उतरने के निर्देश
- सड़क, नाली, निर्माण और जलभराव की शिकायतों पर सीधे कार्रवाई, जनता को मिली राहत
- दिव्यांगजनों से संवेदनशील संवाद, कियोस्क स्थायी करने का आश्वासन बना भरोसे की वजह
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम की जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की पहल मंगलवार को ‘संभव’ के अंतर्गत नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने नगर निगम परिसर में जनसुनवाई की। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 11 संदर्भ प्राप्त हुए, जिन पर नगर आयुक्त ने गंभीरता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए। संभव जनसुनवाई में निर्माण विभाग से सर्वाधिक तीन संदर्भ प्राप्त हुए, जबकि स्वास्थ्य विभाग से एक, उद्यान विभाग से एक, कर (टैक्स) से संबंधित दो, जलकल विभाग से दो तथा अन्य विभागों से जुड़े दो संदर्भ सामने आए। नगर आयुक्त ने विशेष रूप से निर्माण विभाग से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी और उनकी टीम को मौके पर ही कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में रईसपुर, विवेकानंद नगर, डासना गेट, प्रताप विहार, गोविंदपुरम, महरौली और इंदिरापुरम के अभय खंड क्षेत्र से आए नागरिकों ने अपनी-अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।
इनमें सड़क, नाली, जलभराव, निर्माण से जुड़ी अनियमितताएं, सफाई व्यवस्था और कर संबंधी शिकायतें प्रमुख रहीं। नागरिकों ने समस्याओं के समाधान के साथ-साथ व्यवस्था सुधार को लेकर अपने सुझाव भी अधिकारियों को दिए। नगर आयुक्त के निर्देश पर ‘संभव’ में प्राप्त अधिकांश संदर्भों पर मौके पर ही कार्रवाई कराई गई, जिससे जनसुनवाई में पहुंचे लोगों को तत्काल राहत मिल सकी। नगर आयुक्त ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि उसका समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, जलकल महाप्रबंधक कामाख्या प्रसाद आनंद, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, प्रभारी संपत्ति पल्लवी सिंह, प्रभारी उद्यान अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह और मुख्य अभियंता एस.पी. मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सभी अधिकारियों ने अपनी-अपनी विभागीय जिम्मेदारियों के तहत समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। जनसुनवाई के दौरान एक संवेदनशील और मानवीय पहल भी देखने को मिली। ‘संभव’ के अंतर्गत दिव्यांगजन भी नगर आयुक्त से मुलाकात करने नगर निगम पहुंचे। दिव्यांगजनों ने शहर में लगाए गए कियोस्क (खोके) को स्थायी किए जाने को लेकर अपना सुझाव नगर आयुक्त के समक्ष रखा। नगर आयुक्त ने दिव्यांगजनों के साथ चाय पर संवाद करते हुए उनकी बातों को गंभीरता से सुना और नगर निगम की योजनाओं की जानकारी साझा की। नगर आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि दिव्यांगजनों के लिए लगाए गए कियोस्क और खोके को प्राथमिकता के आधार पर स्थायी करने हेतु कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि उन्हें आजीविका में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
नगर आयुक्त की इस पहल से दिव्यांगजन काफी संतुष्ट नजर आए और उन्होंने नगर आयुक्त का आभार जताया। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ करना है। ‘संभव’ जैसे मंच के माध्यम से जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है, जिससे विश्वास भी बढ़ रहा है और समस्याओं का समाधान भी तेजी से हो रहा है। कुल मिलाकर, ‘संभव’ के अंतर्गत आयोजित यह जनसुनवाई न केवल त्वरित कार्रवाई का उदाहरण बनी, बल्कि प्रशासन की जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता और मानवीय दृष्टिकोण को भी उजागर करती नजर आई।

















