सेवा और रक्तदान से बड़ा कोई संकल्प नहीं, जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं : सुनील शर्मा

  • रक्तदान से बड़ा कोई संकल्प नहीं, सेवा के लिए आगे आएं लोग : डॉ. पी.एन. अरोड़ा
  • प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर यशोदा मेडिसिटी में रक्तदान शिविर से सेवा संकल्प अभियान का आगाज
  • मंत्री सुनील शर्मा ने किया रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन, मरीजों और लोगों को बांटे फल
  • एसीपी सूर्यबली मौर्य और मुख्य परिचालन अधिकारी सुनील डागर ने भी लिया सेवा अभियान में हिस्सा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर इंदिरापुरम स्थित यशोदा मेडिसिटी में गुरुवार को सेवा संकल्प अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अस्पताल परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने उत्साह के साथ रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की मदद का संकल्प लिया। शिविर का शुभारंभ विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. पी.एन. अरोड़ा, एसडीएम- सदर, इंदिरापुरम एसीपी सूर्यबली मौर्य और यशोदा मेडिसिटी के मुख्य परिचालन अधिकारी सुनील डागर ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान रक्तदान करने वाले लोगों का उत्साहवर्धन किया गया। अस्पताल में भर्ती मरीजों और वहां मौजूद लोगों को फल भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में सेवा, स्वास्थ्य और जरूरतमंदों की मदद को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। कैबिनेट मंत्री एवं विधायक सुनील शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से समाज के जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का संदेश दिया जा रहा है। रक्तदान शिविर जैसे आयोजन लोगों को सामाजिक जिम्मेदारी के लिए प्रेरित करते हैं।

उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार समाज की सेवा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्तदान से किसी जरूरतमंद मरीज को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। ऐसे शिविरों से लोगों में रक्तदान को लेकर जागरूकता भी बढ़ती है। यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. पी.एन. अरोड़ा ने कहा कि सेवा का वास्तविक अर्थ तभी है, जब उसका लाभ सीधे जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। रक्तदान ऐसा पुनीत कार्य है, जिससे किसी जरूरतमंद मरीज के जीवन को बचाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में उपचार के दौरान कई बार मरीजों को तत्काल रक्त की आवश्यकता होती है। ऐसे में समाज के लोगों का आगे आकर रक्तदान करना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस को सेवा और जनकल्याण से जोड़कर मनाने की पहल समाज में सकारात्मक संदेश देती है। यशोदा मेडिसिटी का प्रयास है कि चिकित्सा सेवाओं के साथ सामाजिक जिम्मेदारी को भी पूरी गंभीरता से निभाया जाए।

रक्तदान केवल एक व्यक्ति की मदद नहीं करता, बल्कि यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और मानवता की भावना को मजबूत करता है। डॉ. अरोड़ा ने रक्तदान करने वाले सभी लोगों का आभार जताते हुए कहा कि स्वस्थ लोगों को समय-समय पर रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है और किसी व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी दूसरे के लिए जीवन बचाने का माध्यम बन सकता है। इंदिरापुरम एसीपी सूर्यबली मौर्य ने कहा कि समाज की मजबूती केवल कानून-व्यवस्था से नहीं, बल्कि आपसी सहयोग और सेवा भावना से भी होती है। रक्तदान जैसे सामाजिक कार्य लोगों को एक-दूसरे की मदद के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की सहायता के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

यशोदा मेडिसिटी के मुख्य परिचालन अधिकारी सुनील डागर ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत अस्पताल में रक्तदान शिविर आयोजित करना गौरव की बात है। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों की जिम्मेदारी केवल मरीजों का उपचार करना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और जनसेवा के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करना भी है। उन्होंने रक्तदाताओं और कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। कार्यक्रम के दौरान अस्पताल के चिकित्सकों, कर्मचारियों और अन्य लोगों ने भी सेवा भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। रक्तदान शिविर के साथ मरीजों और लोगों को फल वितरण कर अभियान को जनसेवा से जोड़ा गया। आयोजन के माध्यम से स्वस्थ समाज के निर्माण और जरूरतमंदों की सहायता के लिए लोगों को लगातार आगे आने का संदेश दिया गया।