-बजरिया गुरुद्वारे में उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी की नौवीं बैठक में जुटे प्रदेशभर के प्रतिनिधि
-मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तैयार, समाज के उत्थान के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य को बनाया जाएगा अगला मिशन
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बजरिया स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में सिख-पंजाबी समाज की एकजुटता, आपसी भाईचारे और सामाजिक उत्थान को लेकर रविवार को विशाल सम्मेलन आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी की नौवीं बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के प्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में समाज को एकजुट रखने, आपसी मतभेद दूर करने और शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि गुरु साहिबान की शिक्षाओं के अनुरूप सेवा, समानता और मानवता को प्राथमिकता देते हुए समाज की प्रगति के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। कार्यक्रम का आयोजन गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा की ओर से किया गया। गाजियाबाद सिंह सभा उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी की संस्थापक सदस्य है। आयोजकों के अनुसार, इससे पहले प्रदेश के आठ अन्य जिलों में भी इस तरह की बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।
नौवीं बैठक में विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए और समाज से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। सम्मेलन की अध्यक्षता आगरा स्थित गुरुद्वारा गुरु का ताल के मुखिया बाबा रंजीत सिंह ने की। हस्तिनापुर से बाबा गुरमीत सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष निर्मल सिंह, संरक्षक गुरप्रीत सिंह बग्गा सहित अन्य पदाधिकारियों ने बैठक में अपने विचार रखे। गाजियाबाद, साहिबाबाद, मोदीनगर, मुरादनगर, हापुड़, मेरठ और नोएडा से आए सिख-पंजाबी समाज के प्रतिनिधियों ने भी भागीदारी की। गाजियाबाद के विभिन्न गुरुद्वारों की प्रबंधक कमेटियों के पदाधिकारी मौजूद रहे। जिन गुरुद्वारों के प्रधान नहीं पहुंच सके, वहां से उनके सहयोगियों ने प्रतिनिधित्व किया।

यशोदा अस्पताल के निदेशक डॉ. पीएन अरोड़ा भी मंच पर उपस्थित रहे। बैठक के समापन पर समाज से जुड़े मुद्दों और सुझावों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तैयार किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख को भी सम्मेलन में शामिल होना था, लेकिन उनके परिवार में अचानक निधन होने के कारण वह कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके। उन्होंने फोन के माध्यम से अपनी बात रखते हुए उपस्थित लोगों से क्षमा मांगी और पारिवारिक दुख के कारण अनुपस्थित रहने की जानकारी दी। उन्होंने जल्द ही समाज के बीच दोबारा आने की बात भी कही। सम्मेलन में उपस्थित प्रतिनिधियों ने समाज की एकजुटता बनाए रखने और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

जाति-धर्म के भेद से ऊपर उठकर मजबूत करें भाईचारा
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सिख-पंजाबी समाज की असली ताकत उसकी एकता, सेवा भावना और आपसी सहयोग में है। समाज में जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव पैदा करने वाली सोच से बचना होगा। गुरु नानक देव जी और गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाएं मानवता, समानता और सेवा का संदेश देती हैं। ऐसे में समाज के लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि गुरुघर की मर्यादा में विश्वास रखने वाले और गुरु साहिबान के प्रति श्रद्धा रखने वाले सभी लोगों के बीच प्रेम और सम्मान की भावना बनी रहनी चाहिए। समाज को बांटने वाली सोच से दूर रहकर मिल-जुलकर प्रगति के रास्ते पर आगे बढऩा समय की जरूरत है।
लंगर और कीर्तन से आगे शिक्षा-स्वास्थ्य पर रहेगा फोकस
सम्मेलन में सामाजिक सेवा के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देने पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि गुरु नानक देव जी की परंपरा में चलने वाला गुरु का लंगर और कीर्तन दरबार सेवा, समानता और एकता के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसी भावना के साथ अब जरूरतमंद परिवारों की सहायता, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। इसके लिए विभिन्न गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों और सामाजिक संस्थाओं को साझा मंच पर लाने की जरूरत बताई गई।
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के चेयरमैन सरदार हरमीत सिंह, महामंत्री एसपी सिंह ओबेराय, प्रधान इंद्रजीत सिंह टीटू, सचिव कुलविंदर सिंह ओबेराय और जगमोहन कपूर सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। युवा टीम से जसमीत सिंह, अमन करण गुर्जराल, उदीप सिंह और गुरदीप सिंह सोहोल ने भी सहभागिता की। नामित पार्षद परमजीत सिंह पम्मी, नामित पार्षद अंकुश अरोड़ा, महामंत्री गौरव चोपड़ा, भूपिंदर सिंह जसर, सतवंत सिंह सलूजा, सुरेंद्र सिंह बख्शी, धर्मवीर सिंह बग्गा और हरि सिंह बबलू सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे।

















