गाजियाबाद में दिव्यांगों के रोजगार की ढाल बने रविन्द्र कुमार मॉंदड़, शिकायत मिलते ही तत्काल लिया संज्ञान

  • खोखे-ठिये हटाने की धमकी और पुलिस की कथित परेशानी की शिकायत पर तुरंत किया समाधान
  • मेहनत से रोजगार कर रहे दिव्यांगों के जीवन-यापन में बेवजह बाधा न आए: डीएम
  • जनसुनवाई में जमीन, कब्जे से लेकर पेंशन-राशन कार्ड तक की शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कलेक्ट्रेट में बुधवार को आयोजित जनसुनवाई में उस समय विशेष पहल देखने को मिली, जब बड़ी संख्या में दिव्यांगजन अपनी समस्याएं लेकर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ के सामने पहुंचे। दिव्यांगजनों ने रोजगार के लिए लगाए गए खोखे और ठिये को हटाने की धमकी देने तथा आए दिन परेशान किए जाने की शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल संबंधित थानाध्यक्षों से वार्ता की और दिव्यांगजनों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि जो दिव्यांगजन ईमानदारी और मेहनत से अपना रोजगार कर रहे हैं, उनके सम्मानपूर्वक जीवन-यापन और रोजगार में अनावश्यक बाधा नहीं आनी चाहिए।

जनसुनवाई के दौरान दिव्यांगजनों ने जिलाधिकारी से कहा कि उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए रोजगार का साधन उपलब्ध कराया गया है, लेकिन पुलिसकर्मियों द्वारा आए दिन परेशान किया जाता है और खोखा या ठिया हटाने की धमकी दी जाती है। इससे उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा होने के साथ सम्मानपूर्वक जीवन-यापन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने डीएम से संरक्षण और सहयोग की मांग की।

शिकायत पर मौके से ही अधिकारियों को निर्देश
दिव्यांगजनों की शिकायत सुनने के बाद जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित थानाध्यक्षों से बातचीत कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और उनके रोजगार में किसी प्रकार की बेवजह बाधा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। साथ ही अपने स्टाफ को निर्देशित किया कि जिले के सभी थानों, चौकियों और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश भेजे जाएं, ताकि इस संबंध में स्पष्टता बनी रहे। जनसुनवाई में भूमि एवं संपत्ति पर अवैध कब्जे, संपत्ति विवाद, भूमि संबंधी धोखाधड़ी, अवैध अतिक्रमण सहित पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित शिकायतें भी सामने आईं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक शिकायतकर्ता की समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

एक योजना का लाभ लेने वाले को दूसरी योजनाओं की भी जानकारी मिले
जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और दूरभाष के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक प्रभावी तरीके से पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई पात्र व्यक्ति किसी एक योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करता है तो संबंधित अधिकारी यह भी जांच करें कि वह व्यक्ति अन्य योजनाओं के लिए पात्र है या नहीं। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्रता होने पर संबंधित व्यक्ति को दूसरी योजनाओं की जानकारी देकर उसका लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाए। जनसुनवाई में एडीएम एल/ए, एडीएम सिटी, एडीएम ई, सिटी मजिस्ट्रेट समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।